रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, मोना सेन और सुषमा जैदानी दिवंगत कलाकारों के परिजनों को चेक सौंपते हुए
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, मोना सेन और सुषमा जैदानी दिवंगत कलाकारों के परिजनों को चेक सौंपते हुए

Artist welfare fund: छत्तीसगढ़ की कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रालय के सभाकक्ष में आयोजित विशेष कार्यक्रम में संस्कृति विभाग द्वारा ‘कलाकार कल्याण कोष योजना’ और ‘अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ के तहत चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम में वरिष्ठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ राज्य की उभरती हुई युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई के परिजनों को 1 लाख की सहायता

अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पंडवानी गायिका पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई के परिजनों को इस अवसर पर 1 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के अन्य 7 दिवंगत कलाकारों और साहित्यकारों के परिजनों को भी 1-1 लाख रुपये की सहायता देकर कला एवं साहित्य जगत में उनके अविस्मरणीय योगदान को नमन किया गया।

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इसी के साथ, आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति देकर उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर दिया गया।

वरिष्ठों के सम्मान और युवाओं के प्रोत्साहन का बना सेतु

सहायता राशि का वितरण संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा मोना सेन और सिंधी अकादमी की अध्यक्षा सुषमा जैदानी के हाथों संपन्न हुआ।

संस्कृति सचिव एस. भारतीदासन ने कहा:

“छत्तीसगढ़ लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं से समृद्ध राज्य है। कलाकारों ने जीवनभर समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध किया है। यह योजनाएं न केवल उनका मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि राज्य की धरोहर को सहेजने का काम भी करती हैं।”

संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने कहा:

“विभाग का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह योजनाएं वरिष्ठों के सम्मान और युवाओं के प्रोत्साहन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं।”

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इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, संचालक संजय कन्नौजे, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा मोना सेन और सिंधी अकादमी की अध्यक्षा सुषमा जैदानी, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार सहित बड़ी संख्या में कलाकार, साहित्यकार, छात्र-छात्राएं और दिवंगत कलाकारों के परिजन उपस्थित रहे।

FAQ

1 : संस्कृति विभाग द्वारा किस योजना के तहत दिवंगत कलाकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी गई?

‘कलाकार कल्याण कोष योजना’ के तहत दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को सहायता राशि प्रदान की गई।

2 : पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई के परिजनों को कितनी आर्थिक सहायता राशि का चेक दिया गया?

अंतरराष्ट्रीय पंडवानी कलाकार स्व. डॉ. तीजन बाई के परिजनों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक दिया गया।

3 : कार्यक्रम में कुल कितने दिवंगत कलाकारों व साहित्यकारों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये की मदद दी गई?

स्व. डॉ. तीजन बाई सहित कुल 8 दिवंगत कलाकारों और साहित्यकारों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये की सहायता दी गई।

4 : होनहार युवा कलाकारों और विद्यार्थियों के लिए संस्कृति विभाग कौन-सी योजना चला रहा है?

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विभाग ‘अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ चला रहा है।