Indian Hockey Team New Orange Jersey: आगामी पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप से ठीक पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर देश में एक नया विवाद छिड़ गया है। हॉकी इंडिया द्वारा पारंपरिक नीली जर्सी के स्थान पर नारंगी (ऑरेंज) रंग की किट लॉन्च किए जाने के बाद खेल जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रासक्विन्हा ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारतीय हॉकी की ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।
विवाद गहराते ही हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने सफाई पेश करते हुए स्पष्ट किया है कि यह बदलाव नीले रंग के एस्ट्रोटर्फ पर खिलाड़ियों की विजिबिलिटी में सुधार करने के लिए टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के सुझाव पर किया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
दशकों से भारतीय हॉकी और क्रिकेट की पहचान ‘मैन इन ब्लू’ के रूप में रही है। पूर्व कप्तान वीरेन रासक्विन्हा ने सोशल मीडिया पर इस नए बदलाव को निराशाजनक बताते हुए कहा कि भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा नीली जर्सी ही रही है। अपने दौर के प्रमुख मिडफील्डर रहे रासक्विन्हा ने सवाल किया कि फैंस हमेशा टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं, ऐसे में नारंगी रंग चुनने के पीछे क्या तर्क है? 2001 में जूनियर विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य और 2004 एथेंस ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले रासक्विन्हा की इस आपत्ति ने खेल प्रेमियों के बीच नीली जर्सी के गौरव को लेकर बहस छेड़ दी है।
नीले टर्फ से क्या है कनेक्शन ?
वैश्विक हॉकी में एस्ट्रोटर्फ की क्रांति के साथ ही मैदानों का रंग हरा से बदलकर मुख्य रूप से नीला कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अधिकांश बड़े टूर्नामेंट अब नीले रंग के सिंथेटिक टर्फ पर आयोजित होते हैं। ऐतिहासिक रूप से टीमों को टर्फ के रंग से विपरीत जर्सी पहनने की सलाह दी जाती है ताकि ब्रॉडकास्टिंग और खिलाड़ियों की आपस में देखने की क्षमता प्रभावित न हो। भारत की पारंपरिक नीली जर्सी नीले टर्फ पर कैमरों और साथी खिलाड़ियों को स्पष्ट नजर आने में कभी-कभी बाधा बनती है, जिसके कारण अतीत में भी वैकल्पिक किट (अवे जर्सी) के उपयोग पर चर्चाएं होती रही हैं।
हॉकी इंडिया क्या कहा ?
विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व दिग्गज डिफेंडर दिलीप टिर्की ने कहा, “यह फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं है। टीम के खिलाड़ियों, कप्तानों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ के साथ चर्चा के बाद ही यह कदम उठाया गया है। चूंकि मैच नीले टर्फ पर खेले जाते हैं, इसलिए खिलाड़ियों की विजिबिलिटी प्रभावित हो रही थी। टीम प्रबंधन ने पीले और ऑरेंज रंग का सुझाव दिया था। हमने ऑरेंज रंग को इसलिए चुना क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज के तिरंगे का मुख्य हिस्सा है।” टिर्की ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि विश्व कप के बाद टीम और खिलाड़ियों को यह रंग सहज नहीं लगता है, तो भविष्य में जर्सी के रंग पर पुनः विचार किया जा सकता है।
कब से शुरू हो रहा विश्व कप ?
14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में पुरुष हॉकी विश्व कप आयोजित होना है। भारत को पूल डी में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान के साथ रखा गया है, जहाँ टीम 1975 के बाद पहली बार विश्व चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दूसरी ओर, 15 से 30 अगस्त 2026 तक होने वाले महिला हॉकी विश्व कप में कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। जर्सी विवाद के बीच दोनों टीमों का मुख्य ध्यान मैदान पर बेहतर तालमेल और सकारात्मक शुरुआत के साथ देश को पदक दिलाने पर केंद्रित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी का रंग क्या रखा गया है?
उत्तर: हॉकी इंडिया ने भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम के लिए पारंपरिक नीले रंग के स्थान पर नारंगी (ऑरेंज) रंग की नई जर्सी लॉन्च की है।
Q. जर्सी के रंग बदलाव पर किस पूर्व कप्तान ने आपत्ति जताई है?
उत्तर: पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और दिग्गज मिडफील्डर वीरेन रासक्विन्हा ने नीली जर्सी को भारतीय हॉकी की पहचान बताते हुए इस फैसले पर आपत्ति जताई है।
Q. हॉकी इंडिया ने जर्सी का रंग बदलने के पीछे क्या कारण बताया है?
उत्तर: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मैच नीले टर्फ पर खेले जाते हैं, जिससे नीली जर्सी में खिलाड़ियों की विजिबिलिटी प्रभावित होती थी।
Q. पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप 2026 कब आयोजित हो रहा है?
उत्तर: पुरुष हॉकी विश्व कप 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा, जबकि महिला विश्व कप 15 से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा।
Q. क्या भविष्य में भारतीय हॉकी टीम की जर्सी दोबारा बदली जा सकती है?
उत्तर: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि विश्व कप के बाद खिलाड़ियों या टीम प्रबंधन को यह रंग पसंद नहीं आता है, तो इसे भविष्य में बदला जा सकता है।


