BSP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में पार्टी से हमेशा के लिए निष्कासित कर दिया है।
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों नेताओं की बसपा में कभी वापसी नहीं होगी। साथ ही, रामजी गौतम को पंजाब का दोबारा प्रभारी बनाया गया है।
अशोक सिद्धार्थ पर गिरी गाज
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस फैसले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में मनमानी और अनुशासनहीनता के कारण निकाला गया था। बाद में इस शर्त पर उनकी वापसी हुई थी कि वे गलती नहीं दोहराएंगे और उन्हें केवल उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्यों में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इसके बाद वे कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोआर्डिनेटर रहे, लेकिन इस दौरान भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहीं। चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। हाल ही में यूपी में उनकी वापसी को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा था, जिससे चुनाव अभियान पर असर पड़ रहा था। इसी वजह से उन्हें अब हमेशा के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
सहारनपुर के रणधीर सिंह बेनीवाल निष्कासित
मूल रूप से सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बेनीवाल के पास पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पार्टी और बीएसपी मूवमेंट के हित में कड़ा कदम उठाते हुए मायावती ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
रामजी गौतम को पंजाब की कमान
पार्टी संगठन में किए गए इस बड़े बदलाव के तहत रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब का पुनः प्रभारी बनाया गया है। वह आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव तक इस महत्वपूर्ण भूमिका में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
यूपी कैडर के नेताओं के लिए नया नियम
बसपा नेतृत्व ने एक कड़ा नीतिगत फैसला भी लिया है। इसके तहत स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश के जो भी वरिष्ठ पदाधिकारी या कोआर्डिनेटर वर्तमान में दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं, उनमें से किसी भी नेता को अब उत्तर प्रदेश में पार्टी की कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं और मीडिया के लिए निर्देश
बसपा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पार्टी को नुकसान पहुंचाने और चुनाव अभियान का ध्यान भटकाने की साजिश रचने वाले शरारती तत्वों से पूरी तरह सावधान रहें। इसके अलावा, मीडिया से भी विशेष अनुरोध किया गया है कि वे विरोधी पार्टियों की भ्रामक और गलत खबरों का प्रसार करने से बचें।
5 FAQs
मायावती ने किन नेताओं को पार्टी से निकाला है?
मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को बसपा से निष्कासित किया है।
इन नेताओं को पार्टी से क्यों निकाला गया है?
मायावती ने दोनों नेताओं पर अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
क्या इन दोनों नेताओं की बसपा में वापसी हो सकती है?
नहीं, पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल की बसपा में अब कभी भी वापसी नहीं होगी।
रामजी गौतम को कौन सी नई जिम्मेदारी मिली है?
रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक के लिए पंजाब का पुनः प्रभारी बनाया गया है।
बसपा ने यूपी कैडर के नेताओं के लिए क्या नीतिगत फैसला लिया है?
बसपा ने स्पष्ट किया है कि जो वरिष्ठ पदाधिकारी या कोआर्डिनेटर वर्तमान में दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं, उन्हें अब यूपी में पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।


