School Staff Deputation: प्रदेश के प्रशासनिक दफ्तरों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नया तरीका निकाला है। संलग्नीकरण खत्म होने के बाद अब स्कूलों में पदस्थ लिपिक और भृत्यों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।
संलग्नीकरण खत्म होते ही शुरू हुई दिक्कत
हाल ही में प्रदेश स्तर पर शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण समाप्त कर कर्मचारियों और शिक्षकों को वापस स्कूलों में भेजा गया था। इसके बाद कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने लगा। जिलों में प्रशासनिक कार्यों के लिए अस्थायी रूप से लगाए गए स्कूलों के गैर-शैक्षणिक स्टाफ के हटते ही दफ्तरों में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई।
अब प्रतिनियुक्ति से होगी व्यवस्था
इस समस्या को हल करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक अब आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों में पदस्थ लिपिक और भृत्यों को प्रतिनियुक्ति पर कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय भेजा जा सकेगा।
आदेश में किन बातों का है उल्लेख?
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में जारी आदेश में उल्लेख किया है कि “उपरोक्त विषयांतर्गत संभागायुक्त व कई जिलों के कलेक्टरों द्वारा अवगत कराया गया है कि उनके कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी के कारण प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले के अंतर्गत शालाओं में पदस्थ गैर शिक्षकीय कर्मचारियों की कार्यालयीन व्यवस्था के अंतर्गत संलग्नीकरण किया गया था। वर्तमान में गैर शिक्षकीय कर्मचारियों को मूल संस्था के लिये कार्यमुक्त किये जाने के कारण कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहा है।”
“अतः आपके कार्यालयों में पूर्व में संलग्न स्कूल शिक्षा विभाग के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों (लिपिक एवं भृत्य) की आवश्यकता है तो आपके कार्यालय में स्वीकृत सेटअप के रिक्त पदों के विरूद्ध उनकी प्रतिनियुक्ति किये जाने हेतु प्रस्ताव सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को विचार हेतु उपलब्ध कराया जा सकता है किन्तु साथ ही यह भी सुनिश्चित करें की उक्त कर्मचारी/कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति से मूल शैक्षणिक संस्था कर्मचारी विहीन न हो जाये।”
ऐसे होगी प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया
1. कलेक्टर या कमिश्नर अपने कार्यालय में रिक्त पदों के विरुद्ध लिपिक-भृत्य की मांग का प्रस्ताव भेजेंगे
2. प्रस्ताव सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को जाएगा
3. अंतिम मंजूरी स्कूल शिक्षा विभाग देगा
स्कूल प्रभावित न हों, ये शर्त भी रखी
शासन ने आदेश में साफ किया है कि प्रतिनियुक्ति के दौरान यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि कोई भी स्कूल पूरी तरह कर्मचारी-विहीन न हो। ताकि वहां का प्रशासनिक और शैक्षणिक काम प्रभावित न हो। देखें आदेश:

FAQ: स्कूल स्टाफ की प्रतिनियुक्ति आदेश
क्या फैसला लिया गया है ?
स्कूलों के लिपिक और भृत्यों को कलेक्टर-कमिश्नर कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा
यह आदेश क्यों आया ?
संलग्नीकरण खत्म होने से प्रशासनिक कार्यालयों में स्टाफ की भारी कमी हो गई थी
प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया क्या है ?
कलेक्टर/कमिश्नर प्रस्ताव भेजेंगे → राजस्व विभाग → स्कूल शिक्षा विभाग से अंतिम मंजूरी
स्कूलों के लिए क्या शर्त है ?
किसी भी स्कूल को पूरी तरह कर्मचारी-विहीन नहीं किया जाएगा
आदेश किसने जारी किया ?
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह


