दुर्ग। भिलाई नगर पालिक निगम (Municipal Corporation Bhilai) के आयुक्त ने जेपी सीमेंट को कुर्की वारंट का नोटिस जारी किया है। नगर निगम के आयुक्त ऋतुराज रघुवंसी ने जेपी सीमेंट प्रबन्धन को सम्पत्तिकर की वास्तविक स्व-विवरणी एवं देय राशि जमा नहीं करने पर वारंट जारी किया है।

दरअसल जेपी सीमेंट (JP cement) द्वारा वर्ष 2016 से 2019 के लिये प्रस्तुत की गई स्व-विवरणी असत्य एवं अपूर्ण पाई गई है।

वास्तविक देय कर से कम की राशि जमा

निगम द्वारा जब जेपी सीमेंट से संबंधित भवनों और भूमियों के उपलब्ध विवरणों के आधार पर परीक्षण किया गया तो यह पाया गया कि निर्धारित सम्पत्तिकर व्यावसायिक जोन के अनुसार गणना ही नहीं की गई है। वास्तविक देय कर से कम की राशि जमा की गई है, जिसकी अंतर की राशि 10 प्रतिशत से अत्यधिक है।

जेपी सीमेंट द्वारा सम्पत्तिकर की वास्तविक स्व-विवरणी एवं देय राशि जमा नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद अब निगम ने जेपी सीमेंट के खिलाफ सम्पत्ति कुर्की वारण्ट जारी किया है।

See also  अनिल अंबानी को डबल झटका : SBI और कैनरा बैंक के बाद BOI ने भी खातों को फ्रॉड घोषित किया; RCom पर 724.78 करोड़ और रिलायंस टेलीकॉम पर 51.77 करोड़ रुपये का बकाया

ये है वारंट जारी करने की वजह

भिलाई नगर निगम के आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 138 की उपधारा (3) (2) के अधीन एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका नियम 1997 के नियम 11 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत जेपी सीमेंट की स्व-विवरणी असत्य पाये जाने पर एवं वास्तविक देय राशि कम जमा किये जाने के कारण निगम द्वारा पुर्नगणना की गई, जिसमें सम्पत्तिकर के देय राशि में करीब उनसठ लाख का अंतर प्राप्त हुआ।

इस अंतर की राशि का पांच गुना सास्ति निर्धारित करने के बाद 3 करोड़ 45 लाख रुपये का सास्ति जेपी सीमेंट को अधिरोपित किया गया है। जिसके लिए अब कुर्की वारण्ट जारी कर दिया गया है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

See also  ट्रांसजेंडरों जज ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका, एनआरसी में 'अन्यÓ का कॉलम नहीं 0 दस्तावेज के अभाव में थर्ड जेंडर के 2000 लोग लिस्ट से बाहर