टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र में सरकार गठन की तीसरी कोशिश के लगभग फेल होने के बाद राज्य में अब राष्ट्रपति शासन

लगने के आसार बन रहे हैं। 24 अक्टूबर को नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र को सरकार का इंतजार है। बीजेपी राज्य में

सरकार बनाने में असफल रही इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को 24 घंटे में बहुमत जुगाड़ करने को कहा, लेकिन

शिवसेना भी जादुई आंकड़ा जुगाड़ नहीं कर पाई। एनसीपी भी इस कोशिश में फेल रही है। इधर कैबिनेट ने महाराष्ट्र में

राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है।अब शिवसेना नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के खिलाफ सुप्रीम

कोर्ट चले गए हैं।

राज्यपाल को इंतजार करना चाहिए था: संजय निरुपम

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कैबिनेट की सिफारिश के बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केंद्र सरकार की

आलोचना की है। संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला बहुत पहले

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हो चुका था। लेकिन माननीय राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट भेजने से पहले आज रात 8.30 बजे तक इंतजार करना

चाहिए था, क्योंकि इस समयसीमा को उन्होंने ही तय किया था और एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था।

पहली नजर में यह अवैध और  असंवैधानिक दिखता है।

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