प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड में इनामी अभियुक्त गुलाम की एनकाउंटर में हुई मौत के बाद उसकी मां का हैरान कर देने वाला बयान सामने आया है । गुलाम की मां खुशनुदा ने प्रयागराज में अपने बेटे के शव को लेने से इनकार कर दिया ।  साथ ही उन्होंने कहा कि गंदा काम करने वाले इसे जीवन भर याद रखेंगे ।  गुरुवार को अतीक के बेटे असद और गुलाम को यूपी एसटीएफ की टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया । प्रयागराज में गुलाम की मां खुशनुदा ने कहा, ‘जितने भी गंदा काम करने वाले हैं वह जिंदगी भर याद रखेंगे ।  हमारे हिसाब से UP-STF ने गलत नहीं किया ।  तुमने किसी को मारकर गलत किया और जब तुम्हारे पर कोई आया तो हम उसको गलत कैसे कहें? मैं शव को नहीं लूंगी । उसकी पत्नी का उन पर हक है, मैं उसको मना नहीं कर सकती।  मैं अपनी जिम्मेदारी लेती हूं कि हम नहीं लेंगे । 

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गुरुवार को एनकाउंटर में हुई मौत

असद अहमद और गुलाम गुरुवार को झांसी में एसटीएफ की टीम के साथ भिड़ गए । उन्होंने गोलीबारी की और इस दौरान दोनों की जान चली गई ।  दोनों पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था । असद अहमद उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अतीक अहमद का बेटा था ।  झांसी मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉ नरेंद्र सेंगर ने बताया कि असद को 2 गोलियां लगीं और गुलाम को 1 गोली लगी थी. जब वे आए थे तब उनकी पीठ से काफी खून निकाल रहा था । दरअसल, साल 2005 में हुए बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या हो गई थी. इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज में तीनों को गोलियों से भून दिया गया था ।  इस मामले में अभियुक्त असद अहमद और गुलाम वांटेड थे । 

असद की अम्मी से हमें मिलवा दो

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शुक्रवार को पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान अतीक अहमद ने कहा, ‘हम मिट्टी में मिल गए ।  सब मेरी गलती है, असद की कोई गलती नहीं थी ।  जवान बेटों और भाइयों की कोई जिम्मेदारी नहीं ले सकता । दुनिया का सबसे बड़ा गम बुजुर्ग पिता के कंधों पर जवान बेटे का शव होता है, अतीक ने कहा कि असद नहीं रहा, असद की अम्मी से हमें मिलवा दो । 

यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पुलिस की बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिन्होंने उमेश पाल हत्या कांड के आरोपियों को खोज निकाला. देश-प्रदेश के लोगों की सुरक्षा के लिए ये खतरा बने हुए थे । ऐसे लोगों को पुलिस खोज निकालेगी । लोग मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन जब उमेश पाल की हत्या हुई तब इन लोगों ने कुछ नहीं बोला था ।  जब पुलिस की हत्या होती है तब दर्द सामने नहीं आता ।  ये लोग पुलिस का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं । 

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