न्यूयॉर्क। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा का प्रस्ताव

वापस ले लिया। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक से पहले एक गैर-स्थायी यूरोपीय देश के राजनयिक

ने चीन के इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने कहा- इस मामले पर सुरक्षा परिषद में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि

कैली क्राफ्ट और चीनी प्रतिनिधि झांग जुन के बीच चर्चा हुई थी। इसके बाद ही चीन ने अपने कदम पीछे खींचे।

चीन के फैसले को छवि बेहतर करने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत ने चीन के फैसले पर चुप्पी साधी

भारत ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद का

स्थायी सदस्य नहीं है, इसलिए वह इस विषय पर कुछ नहीं कह सकता। फ्रांस के एक राजनयिक सूत्र ने कहा,”

हमारी स्थिति बिल्कुल साफ है। कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय रूप से ही देखना होगा। हमने पहले भी यह बात कही है।

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भारत पर दबाव बनाना चाहता है चीन

भारत-अमेरिका से 2+2 वार्ता बुधवार से शुरू होने वाली है। वहीं, विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत के लिए

21 दिसंबर को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी भारत आने वाले हैं। ऐसे में चीन संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मामले

पर चर्चा के जरिए सीमा विवाद को लेकर भारत पर दबाव बनाना चाहता है। केंद्र में दूसरी बार मोदी सरकार

बनने के बाद दोनों देशों के बीच 21 दिसंबर को विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हो रही है। मामल्लपुरम में

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में विशेष प्रतिनिधि स्तर

की बातचीत बढ़ाने का निर्णय किया गया था, ताकि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति

साफ की जा सके।

 

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