रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने एक बार फिर साफ किया है कि केंद्र और राज्य सरकार माओवादियों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा, अगर माओवादी मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए आगे आते हैं, तो सरकार उनका स्वागत करेगी। हमारे पास एक मजबूत पुनर्वास नीति है, जिसे केंद्र में गृह मंत्री अमित शाह और राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लागू किया जा रहा है।

बीजापुर एनकाउंटर पर अपडेट

विजय शर्मा ने बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में चल रहे एनकाउंटर पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वहां पिछले तीन दिनों से डीआरजी जवानों द्वारा सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह अभियान 5 जून से पहले शुरू हो चुका था।

उन्होंने कहा, पांच जून को पहली बड़ी सफलता मिली जब एक सीसी (सेंट्रल कमिटी) सदस्य को मार गिराया गया। अगले दिन तेलंगाना स्पेशल जोनल कमिटी के एक शीर्ष नक्सली का भी सफाया किया गया। आज, वहां से पांच और वर्दीधारी, हथियारबंद नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। ये सभी ऐसे नक्सली हैं जिन्होंने क्षेत्र में दहशत फैलाई और अनेक हत्याएं की हैं।

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वीर जवानों को मिला सम्मान

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के उन पुलिस अधिकारियों और जवानों को अपने निवास पर आमंत्रित कर सम्मानित किया जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सम्मान पाने वालों में डीजीपी अशोक गौतम, नक्सल ऑपरेशन प्रमुख विवेकानंद सिन्हा, बस्तर के आईजी सुंदरराज, नारायणपुर, बस्तर और बीजापुर के एसपी शामिल हैं।

शर्मा ने कहा, गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सम्मान केवल प्रतीक नहीं है, बल्कि उन जांबाजों के प्रति देश का आभार है, जो धरातल पर, सबसे कठिन हालात में मोर्चा संभालते हैं। उनका असली सम्मान जमीन पर होता है, और यह कार्यक्रम उसी भावना को दर्शाता है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़

डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्र के सहयोग से, माओवाद के खिलाफ निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि माओवाद से प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लाकर एक बेहतर भविष्य देना है, उन्होंने जोड़ा।

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