Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। मोदी 3.0 सरकार के तीसरे और अपने कार्यकाल के नौवें बजट भाषण में उन्होंने सुधार, रोजगार, कौशल विकास और समावेशी ग्रोथ को केंद्र में रखा।

किसानों, छात्रों, MSMEs, महिलाओं, हेल्थकेयर वर्कर्स और आम यात्रियों तक, बजट 2026 का फोकस रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने और नए रोजगार अवसर पैदा करने पर रहा। जानिए बजट की 10 बड़ी बातें और अलग-अलग वर्गों को क्या मिला।

1. किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

ग्रामीण समृद्धि और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। पशुपालन क्षेत्र में ग्रामीण स्तर पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

बागवानी के तहत नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू होगी, जिसमें पुराने और कम उत्पादक पेड़ों की जगह बेहतर किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। इससे करीब 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें 1 करोड़ किसान शामिल हैं। काजू और कोको के लिए विशेष कार्यक्रमों के जरिए भारत को आत्मनिर्भर बनाने और 2030 तक इन्हें प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय चंदन के इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

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2. स्मार्ट खेती की ओर कदम

स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-विस्तार’ नाम का मल्टीलिंगुअल AI आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा। इससे किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी और जोखिम कम होंगे।

ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए SHE-मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी। यह पहल लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाने की दिशा में मानी जा रही है।

3. शिक्षा में नए संस्थान और हॉस्टल

शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हुए पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी, जिससे इंडस्ट्री-एकेडेमिया कनेक्शन मजबूत होगा।

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में STEM उच्च शिक्षण संस्थानों के पास एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी में रिसर्च को भी प्रोत्साहन मिलेगा। शिक्षा से रोजगार तक के सफर को मजबूत करने के लिए एक हाई-पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज कमेटी बनेगी।

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4. MSMEs के लिए तीन स्तर का सपोर्ट

छोटे और मझोले उद्योगों के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट पर आधारित रणनीति लाई गई है। ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड शुरू होगा, जबकि आत्मनिर्भर भारत फंड को ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त मदद मिलेगी।

कंप्लायंस से जुड़ी परेशानियां कम करने के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

5. नौकरियां, स्किल्स और हेल्थकेयर

हेल्थकेयर सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए अगले पांच सालों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेन करने की योजना है।

तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, NIMHANS-2 और नए इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सेंटर्स के जरिए जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे।

6. मिडिल क्लास को क्या राहत मिली

टैक्स को लेकर इस बजट में कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की उम्मीद पूरी नहीं हुई। हालांकि कैंसर और मधुमेह की दवाओं पर ड्यूटी में छूट और कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटने से जूते, चप्पल, स्मार्टफोन जैसी चीजें सस्ती होने की संभावना है।

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7. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें हैदराबाद-चेन्नई, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इनका उद्देश्य यात्रा समय घटाना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

8. मेडिकल और हेरिटेज टूरिज्म पर फोकस

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयुष केंद्रों और पोस्ट-केयर सुविधाओं के साथ मेडिकल हब बनाए जाएंगे। होटल मैनेजमेंट काउंसिल को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा।

नॉर्थ-ईस्ट में बौद्ध सर्किट, डिजिटल नॉलेज ग्रिड और 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के विकास से हेरिटेज टूरिज्म को मजबूती दी जाएगी।

9. दिव्यांगजनों के लिए योजनाएं

दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग दी जाएगी। ALIMCO और PM दिव्याशा केंद्रों के जरिए सहायक उपकरण, रिसर्च और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को समर्थन मिलेगा।

10. खेलो इंडिया मिशन

खेल क्षेत्र को अगले दशक में नई दिशा देने के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा की गई है। इसका फोकस टैलेंट पहचान, कोच डेवलपमेंट, स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा।