टीआरपी डेस्क। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का बहुत बड़ा और पवित्र महत्व माना गया है। इस साल यह शुभ तिथि उनतीस जून को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने, पवित्र नदियों में नहाने और दान करने से पुण्य मिलता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी इस दिन पूजा-पाठ करने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। शास्त्रों में इस दिन के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं कि क्या करना शुभ होता है और किन कामों से दूर रहना चाहिए।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

पूर्णिमा के दिन खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी चीजों से पूरी तरह दूर रहें और केवल सादा यानी सात्विक भोजन ही करें। इसके अलावा पूर्णिमा के दिन घर में सुख-शांति बनाए रखें। किसी से भी लड़ाई-झगड़ा या गुस्सा करने से बचें और किसी को कड़वे शब्द न बोलें, क्योंकि ऐसा करने से धन की देवी माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। इस शुभ दिन सुबह देर तक सोने से बचना चाहिए और सुबह जल्दी उठकर भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए। साथ ही घर के बुजुर्गों, महिलाओं या दरवाजे पर आए किसी भी जरूरतमंद का अपमान न करें और उन्हें खाली हाथ न लौटाएं। आर्थिक नुकसान से बचने के लिए इस दिन न तो किसी को पैसा उधार दें और न ही किसी से कर्ज लें।

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मनोकामना पूरी करने के लिए जरूर करें ये काम

पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत फलदायी माना जाता है। अगर नदी पर जाना संभव न हो, तो घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। नहाने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार तिल, कपड़े, अनाज या पानी से भरा मिट्टी का घड़ा किसी जरूरतमंद को दान करें। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। घर में सुख-शांति के लिए सत्यनारायण भगवान की कथा जरूर पढ़ें या सुनें। शाम के समय माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए मखाने की खीर का भोग लगाएं।

चंद्रदेव और पीपल की पूजा से दूर होंगे सारे कष्ट

चूंकि पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपने पूरे आकार में होता है, इसलिए रात के समय तांबे या चांदी के लोटे में कच्चे दूध के साथ गंगाजल और बिना टूटे हुए चावल यानी अक्षत मिलाकर चंद्रमा को जल अर्पित करें। ऐसा करने से कुंडली का चंद्र दोष दूर होता है और मानसिक तनाव से राहत मिलती है। इसके अलावा पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी विधान है। पीपल के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है, इसलिए इस दिन पीपल की जड़ में जल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं। इससे जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं।

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