NEET Exam 2027 को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, जानिए क्या होगा नया पैटर्नअब पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह बड़ा ऐलान किया। हाल के दिनों में हुए पेपर लीक विवाद और देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए ओएमआर शीट की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है।
परीक्षा का नया पैटर्न और तैयारियों में बदलाव
नए फैसले के तहत साल 2027 से अभ्यर्थी जेईई मेन की तरह ही कंप्यूटर पर बैठकर जवाब दर्ज करेंगे। हालांकि, परीक्षा के सिलेबस, कुल अंकों और प्रश्नों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पहले की तरह ही यह परीक्षा 720 अंकों की होगी और इसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान से सवाल पूछे जाएंगे। इस बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को अब ओएमआर शीट भरने की जगह कंप्यूटर स्क्रीन पर अभ्यास करने की जरूरत होगी, ताकि उनकी गति और उत्तर देने की क्षमता बेहतर हो सके।
विवाद की वजह
इस बड़े बदलाव के पीछे पिछले दिनों हुआ भारी विवाद है। साल 2026 की नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों के बाद इसे रद्द करना पड़ा था। इसके बाद सेना की मदद से 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी। इस मामले को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर समेत कई राज्यों में 20 लाख से ज्यादा छात्र और विपक्ष के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे थे तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के आधिकारिक बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई गहराई से कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को मिलकर लीक-मुक्त परीक्षा ढांचा तैयार करने की सलाह दी।
छात्रों और चिकित्सा क्षेत्र पर पड़ने वाला असर
इस फैसले का असर देश भर के उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा जो देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं। कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को डिजिटल अभ्यास की आदत डालनी होगी। वहीं, दूसरी ओर डिजिटल माध्यम से परीक्षा होने पर पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी, जिससे छात्रों और अभिभावकों का व्यवस्था पर भरोसा फिर से कायम हो सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- नीट यूजी परीक्षा ऑनलाइन कब से लागू होगी?
नीट यूजी परीक्षा साल 2027 से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन माध्यम से ली जाएगी। - क्या नीट परीक्षा के सिलेबस या अंक प्रणाली में बदलाव हुआ है?
नहीं, परीक्षा के सिलेबस, प्रश्नों की संख्या और 720 कुल अंकों की प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। - क्या नीट 2027 में ओएमआर शीट का उपयोग होगा?
नहीं, 2027 से ओएमआर शीट की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। - पेपर लीक मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
नीट पेपर लीक मामले की गहराई से जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है। - नीट परीक्षा के जरिए किन पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है?
नीट के माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस और बीएससी नर्सिंग जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है।


