कृषि मंत्री रामविचार नेताम प्रेस कांफ्रेंस में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रेस कांफ्रेंस कर कृषि विभाग की उपलब्धियों और खाद की कालाबाजारी पर हुई सख्त कार्रवाई का ब्योरा दिया।

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों की रक्षा और कृषि इनपुट की पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। राजधानी रायपुर में 31 जुलाई 2026 को आयोजित एक अहम प्रेस कांफ्रेंस में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि प्रदेश भर में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

कृषि विभाग की टीमों ने पूरे राज्य में 472 से अधिक स्थानों पर छापे मारकर 68 हजार बोरी अवैध फर्टिलाइजर जब्त किया है। इस मामले में लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 11 विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 11 लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अमानक बीजों और नकली खाद का वितरण करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रेस वार्ता के दौरान दोनों अधिकारियों ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की गतिविधियों, उपलब्धियों और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी साझा की। इस दौरान कृषि, पशुधन विकास, मत्स्यपालन, उद्यानिकी और जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और विभागीय कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

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बस्तर में एकीकृत कृषि मॉडल और गर्मियों में वैकल्पिक फसलों पर जोर
कृषि मंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर अब शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे वहां कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के नए द्वार खुले हैं। विभाग के उच्च अधिकारियों ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया है, जहां अब एक ही छत के नीचे किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, कम पानी वाली ग्रीष्मकालीन फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अत्यधिक जल की खपत वाली धान और केले की फसल के स्थान पर किसानों को दलहन, तिलहन, सब्जी और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोरबा के बांगो बांध को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है।

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राज्य में करीब 40 लाख कृषक परिवार
राज्य में करीब 40 लाख कृषक परिवार निवास करते हैं, जिनमें से 82 प्रतिशत संख्या लघु एवं सीमांत किसानों की है। बीते वर्षों की तुलना में इस बार 30 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 543.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से काफी बेहतर है। इस मानसून सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का लक्ष्य रखा गया था, जिसकी 83 प्रतिशत से अधिक बोनी पूरी हो चुकी है। राज्य में रासायनिक उर्वरकों का 98 प्रतिशत अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसानों को किसी भी जिले में खाद की किल्लत का सामना न करना पड़े।

विभागीय सचिव ने दी जानकारी
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने आंकड़ों के साथ आधिकारिक जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया, कृषक उन्नति योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से राशि भेजी गई है। खरीफ 2023 से 2025 के बीच 25.52 लाख किसानों को 35,892.90 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त पीएम-आशा योजना के तहत पहली बार दलहन-तिलहन की एमएसपी पर खरीदी कर 215.47 करोड़ रुपये और पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त में 24.63 लाख किसानों को 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।”

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बिचौलियों और कालाबाजारी पर प्रहार
सरकार के इन कड़े प्रशासनिक फैसलों से राज्य के कृषि बाजार में बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों का प्रभाव समाप्त होगा। किसानों को सही समय पर मानक खाद व बीज मिलने से फसल उत्पादन की लागत घटेगी और उत्पादकता में सुधार आएगा। एग्रीस्टैक और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 19,389 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी होने और 36 लाख से अधिक किसानों के डिजिटल पंजीयन से पारदर्शी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी रुकावट के किसानों तक पहुंचेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और बस्तर जैसे क्षेत्रों में किसानों की आय में टिकाऊ बढ़ोतरी होगी।