Operation Sipahi Raksha Sutra 2026.
अंबिकापुर में ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र 0.4’ कार्यक्रम में पूर्व सैनिक महासभा को 21 लाख राखियों का संग्रह सौंपतीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े।

Operation Sipahi Raksha Sutra 2026: देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करने के उद्देश्य से संचालित ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान 2026’ (संस्करण 0.4) ने इस वर्ष नया इतिहास रच दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की भावुक अपील पर पूरे छत्तीसगढ़ से रिकॉर्ड 21 लाख राखियां एकत्र की गई हैं।

यह पावन रक्षा-सूत्र, शुभकामना पत्र और छत्तीसगढ़ के आंगनों की पवित्र मिट्टी पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से जवानों तक पहुँचाने के लिए अंबिकापुर से रवाना की गई है, जो जशपुर होते हुए सेना मुख्यालय नई दिल्ली पहुँचेगी।

सामाजिक संगठनों का अभूतपूर्व योगदान

अभियान को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले ने रीढ़ की हड्डी की तरह काम किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका बहनों ने गांव-गांव से राखियां और संदेश एकत्र किए। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, महिला स्व-सहायता समूहों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके बल पर यह कीर्तिमान स्थापित हुआ।

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2023: 6,71,000 राखियां

2024: 9,00,000 राखियां

2025: 12,21,000 राखियां

2026: 21,00,000 राखियां (सर्वकालिक कीर्तिमान)

अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरहद पर शून्य से नीचे तापमान में तैनात जवानों के कारण ही देश सुरक्षित है। ये 21 लाख राखियां केवल धागे नहीं, बल्कि हर सैनिक के लिए विजय तिलक हैं।

(FAQs)

प्र.1: ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र 0.4’ के तहत छत्तीसगढ़ से कितनी राखियां एकत्र की गई हैं?

उ.: इस अभियान के तहत वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 21 लाख राखियां एकत्र की गई हैं।

प्र.2: इन राखियों और शुभकामना पत्रों को जवानों तक किसके माध्यम से पहुँचाया जा रहा है?

उ.: ये राखियां पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से जशपुर होते हुए नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय और फिर सरहद के जवानों तक पहुँचाई जा रही हैं।

प्र.3: इस अभियान की प्रेरणा और नेतृत्व किसके द्वारा किया गया?

उ.: इस अभियान की प्रेरणा और नेतृत्व छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा किया गया।

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प्र.4: राखियों के साथ लिफाफों में और क्या खास सामग्री भेजी जा रही है?

उ.: राखियों के साथ जवानों के लिए शुभकामना पत्र और छत्तीसगढ़ के आंगनों की पवित्र मिट्टी भेजी जा रही है।

प्र.5: पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष संग्रह में क्या बदलाव आया?

उ.: 2023 में 6.71 लाख, 2024 में 9 लाख, 2025 में 12.21 लाख और 2026 में बढ़कर रिकॉर्ड 21 लाख राखियां एकत्र हुईं।