नई गाड़ी का टेम्पररी रजिस्ट्रेशन अब होगा 6 माह के लिए

रायपुर। परिवहन विभाग द्वारा परिवहन सुविधाओं को लगातार ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है । इसी कड़ी में नये ख़रीदे जाने वाले गाड़ी के टेम्पररी रजिस्ट्रेशन आवेदन भी अब गाड़ी ख़रीदने समय गाड़ी विक्रेता डीलर के द्वारा किया जा सकेगा।

पूर्व में टीआर रजिस्ट्रेशन की वैलिडिटी एक माह की होती थी जिस समय सीमा के अंदर वाहन क्रेता को अन्य ज़िले अथवा अन्य राज्य में जाकर गाड़ी का स्थायी रजिस्ट्रेशन कराना होता था। कई बार इस सीमां में स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता है जिससे की वाहन क्रेता को पेनाल्टी लग जाता है। इस समस्या का समाधान करने परिवहन विभाग ने टेम्पररी रजिस्ट्रेशन की वैधता अब बढ़ाकर 6 माह कर दी है।

क्या होता है टेम्पररी रजिस्ट्रेशन

यदि आप किसी और ज़िले से नई गाड़ी ख़रीद रहे है तो आपको डीलर टेम्पररी रजिस्ट्रेशन कर के देता है जिसे अपने ज़िले के आरटीओ में जमा कर स्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर लिया जाना होता है। इसी तरह यदि आप राज्य से नई गाड़ी ख़रीद कर लाते है या छत्तीसगढ़ से नई गाड़ी ख़रीद कर किसी और राज्य में ले जाते है तो आपको टेम्पररी रजिस्ट्रेशन करा कर गाड़ी ले जानी होती है।

See also  CGBSE Board Class 10th, 12th Result: थोड़ी ही देर में जारी होगा छत्‍तीसगढ़ 12वीं बोर्ड का रिजल्‍ट, यहां चेक करें परिणाम

इसी तरह कमर्शियल गाड़ी क्रेता बस या ट्रक बनाने के लिए कई बार सिर्फ़ चेसिस ख़रीदते है और बाद उसने बॉडी बनायी जाती है। चेसिस वाली गाड़ी टेम्पररी रजिस्ट्रेशन होता है और बॉडी बनने बाद उनका निरीक्षण कर स्थायी रजिस्ट्रेशन होता है। कई बार चेसिस वाली गाड़ी में बॉडी बनने विलंब हो जाता है ऐसे स्थिति में ट्रांसपोर्टर को पैनल्टी लग जाती है। अब टेम्पररी रजिस्ट्रेशन को वैलिडिटी 6 माह हो जाने से ट्रांसपोर्टर बड़ी राहत मिलेगी।

रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (राडा) के द्वार टीआर की वैलिडिटी बढ़ाने की माँग पिछले की जा रही थी। इस संबंध में ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के द्वारा परिवहन मंत्री मिलकर माँग किया गया था। जिस पर परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा कार्यवाही करने का आस्वासन दिया गया था।

ज्ञात हो कि परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ के अन्तर्गत आरटीओ के विभिन्न सुविधाओं को वाहन स्वामी के घर के पास प्रदान करने हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है। परिवहन मंत्री की मंशा है कि गाड़ी के कार्य हेतु लोगो को कम से कम परिवहन कार्यालय आना पड़े। इससे लोगो को घर में सुविधा मिलेगी और उनके समय का बचत होगा, साथ ही साथ आरटीओ ऑफिस में भी भीड़ में कमी आयेगी जिससे परिवहन अमले के कार्य प्रणाली और गुणवत्ता में सुधार आएगी।

See also  Women's Day Special : बिना इन्वेस्टमेंट के लाखों रुपये कमा रही हैं छत्तीसगढ़ की महिलाएं, गौठानों से जुड़कर बन रही आत्मनिर्भर

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर