रायपुर। आयकर विभाग की पीआरए इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के तेलीबांधा स्थित दफ्तर में सर्वे की कार्रवाई पूरी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने कर चोरी स्वीकार की है और 37 करोड़ रूपए सरेंडर किए हैं। कंपनी को 15 मार्च तक एडवांस टैक्स जमा करने नोटिस दिया गया है।

रिकॉर्ड सही इंट्री गलत

लगभग तीन दिनों तक चली इस जांच में लगे सभी अफसर रायपुर से बाहर के थे। जाँच के दौरान खुलासा हुआ कि बुक्स में तो सब कुछ सही था लेकिन कंपनी ने निर्माण स्थल में जो खर्च दर्शाया था उसमें बड़ा अंतर था। उसी के आधार पर आयकर रकम सरेंडर कराया गया है।

लॉरेंस गैंग ने करवाया था हमला

यह कंपनी पिछले वर्ष उस वक्त चर्चा में आई जब अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के लिए काम करने वाले अमन साव गिरोह के शूटर ने (अप्रैल24) में डायरेक्टर पर शूट आउट का प्रयास किया था। इस हमले के करीब डेढ़ दर्जन आरोपी रायपुर जेल में बंद हैं। यहां बेहिसाबी नकदी और हेरफेर किए गए लेनदेन का पता चला। पीआरए ग्रुप के निदेशक राजेश कुमार अग्रवाल, महेश कुमार अग्रवाल, आयुष अग्रवाल और अभिषेक गर्ग से पूछताछ की गई तो उन्होंने चोरी की बात स्वीकार की। एडवांस टैक्स देनदारी के तौर पर 11.50 करोड़ रुपये तुरंत जमा करने का आदेश दिया गया।

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पीआरए समूह में सड़क निर्माण रसद, इस्पात, शिक्षा और खनन में परस्पर जुड़ी कंपनियां जांच के तहत संबंधित संस्थाओं में ऑर्गेनिक बेवरेजेज एंड फूड्स, टिकिटर-पीआरए, बारब्रिक इंडस्ट्रीज, अंबिका पावर एंड शुगर, पीआरए दामर, एसआरआरएम प्रोजेक्ट्स, और कई कंपनी शामिल हैं।