Fertilizer Scam: खरीफ सीजन 2026-27 से पहले सहकारिता विभाग ने सक्ती जिले की 2 सेवा सहकारी समितियों में खाद गबन का बड़ा खुलासा किया है। भौतिक सत्यापन में चंद्रपुर और कलमा समिति से कुल 5,636 बोरी रासायनिक खाद का हिसाब नहीं मिला। अनुमानित गड़बड़ी 65.92 लाख रुपये की है।
भौतिक सत्यापन में क्या निकला ?
Fertilizer Scam: सक्ती जिले की चंद्रपुर और कलमा सेवा सहकारी समितियों में हुए भौतिक सत्यापन के दौरान कुल 5,636 बोरी खाद के रिकार्ड में अंतर मिलने का दावा किया गया है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 65,92,460.50 रुपये है।
1. चंद्रपुर सेवा सहकारी समिति
– 3,850 बोरी खाद का रिकॉर्ड संदिग्ध
– पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक से 3,377 बोरी कम मिलीं
– पिछले साल की 473 बोरी बचत खाद भी स्टॉक में नहीं जोड़ी गई
– अनुमानित राशि: 43.67 लाख रुपये
– कार्रवाई: प्रभारी प्रबंधक पीताम्बर निषाद को सेवा नियम 2018 के तहत सेवा से पृथक करने के निर्देश
2. कलमा सेवा सहकारी समिति
– 1,786 बोरी खाद कम पाई गई
– अनुमानित राशि: 22.25 लाख रुपये
– कार्रवाई: प्रभारी प्रबंधक केशव प्रसाद निषाद को कारण बताओ नोटिस जारी। व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण मांगा गया।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
Fertilizer Scam: सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े ने बताया कि जांच प्रतिवेदन और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
चंद्रपुर समिति के प्रभारी से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था, जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर सेवा से पृथक करने का आदेश दिया गया।
विभाग ने समितियों को चेताया है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी नियम, 1962 के तहत समिति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों पर असर, सिस्टम पर सवाल
किसानों के लिए रखे गए खाद में इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अफसर का कहना है कि अभी जांच जारी है। दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।


